Friday, January 18, 2019
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RAJASTHAN PATWARI-2019 ,HISTORY||राजस्थान के लोक देवता -1||

 

                                          👉राजस्थान के लोक देवता


👉पांच पीर :- पाबूजी ,हड़बूजी, रामदेवजी, गोगाजी और मांगलिया मेहा जी



. 

1)👉पाबूजी राठौड़  :-

👉जन्म :- 13 वी शताब्दी  मे फलोदी (जोधपुर) के निकट कोलूमंड में 



👉उपनाम :- गौ रक्षक देवता, प्लेग रक्षक देवता, ऊंटों के देवता, लक्ष्मण का अवतार 



Q:- ऊँटों की पालक राइका (रेबारी) जाति के आराध्य देव है -

👉पाबूजी 



Q:-पाबूजी से संबंधित गाथा गीत 'पाबूजी के पवाङे 'किस वाद्य के साथ नायक व रेबारी जाति द्वारा गाए जाते हैं 
 

👉माठ वाध




Q:-पाबूजी की घोड़ी का नाम :-

👉केसर कालमी 



Q:- 'पाबूजी की फड़' किस जाति के द्वारा, किस वाद्ययंत्र से गाई जाती है ?

👉नायक जाति के भोपों द्वारा 'रावणहत्था' वाद्य यंत्र पर 



Q:-पाबूजी के गुरु :-

👉श्री रूपनाथ जी 


Q:-पाबूजी का मंदिर :-

👉कोलू मंड में [प्रतिवर्ष चैत्र अमावस्या का मेला भरता है ]


Q:- पाबूजी के जीवन पर रचना :-

👉पाबू प्रकाश [आशिया मोङजी]



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2) 👉हड़बूजी :- 

👉हड़बूजी बैंगटी  गांव के निवासी थे 

👉गुरु :-बालीनाथ जी 

👉पूजा स्थल :-बैंगटी (फलोदी) जोधपुर 

👉पुजारी :-सांखला राजपूत 

👉'हड़बूजी की गाड़ी 'की पूजा होती है

3) 👉रामदेव जी :-

👉जन्म ➖1405 में बाड़मेर की शिव तहसील के उण्‍डु गांव में हुआ 

👉पिता :-अजमाल जी 
👉माता :-मैणादे 


👉उपनाम :- 'रामसा पीर ' 'रुणिचा रा धणी' 'बाबा रामदेव '

👉गुरु :-बालीनाथ 


👉कामडिया पंथ  की शुरुआत 


Q:-प्रमुख लोक देवता जिसने जीवित समाधि ली :-

👉रामदेव जी 


Q:-राजस्थान में सांप्रदायिक सद्भाव का सबसे बड़ा मेला कौन सा है ?

👉बाबा रामदेव जी का मेला 


Q:-एकमात्र लोक देवता जो कवि भी थे ?

👉रामदेव जी [चौबीस बाणियाँ ]


Q:- तेरहताली नृत्य किस लोक देवता की भक्ति में किया जाता है -

👉रामदेव जी [कामड़ जाति की स्त्रियों द्वारा ]


Q:-रामदेव जी का मेला कहां लगता है -

👉रुणिचा [भाद्रपद शुक्ला द्वितीया से एकादशी तक]


👉रामदेव जी के मंदिरों को 'देवरा 'कहा जाता है 

👉रामदेव जी की ध्वजा को 'नेजा' कहा जाता है 

👉रामदेव जी के मेघवाल भक्तों को 'रिखिया ' कहते हैं 

👉रामदेव जी का घोड़ा 'लीला' था 

👉रामदेव जी के 'पगलिये' की पूजा की जाती है

👉रामदेव जी के रात्रि जागरण को 'जम्मा' कहते हैं 


👉अन्य मंदिर :- 

1)बिराँटिया का मंदिर (बर गांव, अजमेर )

2)सुरता खेड़ा मंदिर (चित्तौड़गढ़ )

3)छोटा रामदेवरा (गुजरात )
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4) 👉गोगाजी चौहान  :-

👉जन्म ➖11 वीं सदी में चुरू जिले के ददरेवा नामक स्थान पर जेवरसिंह-बाछल  के घर


👉उपनाम :- गौ रक्षक, सांपों का देवता, 'जाहरपीर'


👉शीर्ष मेङी :- ददरेवा 

👉धुरमेङी :- गोगामेडी ,(नोहर -हनुमानगढ़ )


👉 गोगाजी का मेला :- गोगामेड़ी, (भाद्रपद कृष्ण नवमी )


Q:-राजस्थान का वह लोक देवता जिसने महमूद गजनवी से युद्ध किया ?

👉गोगाजी 


Q:-लोक देवता गोगाजी का थान किस पेड़ के नीचे बनाया जाता है ?

👉खेजड़ी 


Q:-किस लोक देवता के मंदिर की बनावट मकबरा नुमा है -

👉गोगाजी 


Q:-गोगा जी की सवारी :-

👉नीली घोड़ी [गोगा बाप्पा ]


Q:- गोगाजी की ओल्डी :-

👉सांचौर (जालौर )


Q:-गोगा जी की फड़ :- 

👉डेरु वाद्य यंत्र (भोपे )
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5)👉मेहाजी मांगलिया :-

👉मेहाजी सभी मांगलियों के इष्ट देव हैं 

👉बापणी में इनका मंदिर है 

👉भाद्रपद में कृष्ण जन्माष्टमी को मांगलिया राजपूत मेहाजी की अष्टमी मनाते हैं 

👉जैसलमेर के राव राणंगदेव भाटी से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए

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