राजस्थान के प्रमुख किले व दुर्ग ( Rajasthan Ke Kile and Durg)

Rajasthan Fort : राजस्थान के प्रमुख किलो(दुर्ग) की हम आज बात करेंगे | जो आपके आने वाले राजस्थान की परीक्षा में उपयोगी होंगे जैसे- Rajasthan Patwari, Rajasthan Police, Reet, Rajasthan High Court exam 2020- 21

Rajasthan Fort List In Hindi 2020

1. भटनेर दुर्ग

🔹निर्माता – भूपत भाटी

🔹निर्माण समय – तृतीय शताब्दी

🔹स्थान – हनुमानगढ़

🔹श्रेणी – धान्वन

🔹प्रसिद्ध कथन – ” इतना सुरक्षित एवं मजबूत दुर्ग नहीं देखा “- तैमूर

🔹प्रसिद्ध स्मारक – बीकानेर महाराजा दलपत सिंह की मूर्ति उनकी 6 रानियों सहित

🔹विशेषता – मुस्लिम महिलाओं का जौहर संपन्न

2. भरतपुर दुर्ग

🔹निर्माता – सूरजमल जाट

🔹स्थान – भरतपुर

🔹श्रेणी
– पारिख दुर्ग ( खाई से घिरा )
– मोती झील से सुजानगंगा नहर द्वारा पानी लाया गया ।

🔹अन्य नाम – लौहगढ़ ( 1805 में लार्ड लेक जब जीतने पर नाकाम रहा )

🔹प्रसिद्ध – हिंदुस्तान का अजय दुर्ग

🔹विशेषता – बाहरी दीवार मिट्टी की बनी हुई

3. चूरु दुर्ग

🔹निर्माता – ठा. कुशाल सिंह

🔹स्थान – चुरु

🔹विशेषता – 1814 में बीकानेर महाराजा सूरतसिंह के आक्रमण पर ठा. शिव सिंह ने चांदी के गोले बरसाए

🔹आरंभिक महल- गुलाब महल

4. कोटा किला

🔹निर्माता – जैतसिंह

🔹प्रसिद्धि – ‘संपूर्ण भारत में आगरा दुर्ग के अतिरिक्त सबसे बड़ा परकोटा कोटा किले का है ।”- कर्नल जेम्स टॉड

5. भैंसरोडगढ़

🔹निर्माता – भैसाशाह व रोडा़ चारण

🔹स्थान – चित्तौड़गढ़

🔹श्रेणी – जलदुर्ग

🔹प्रसिद्ध – राजस्थान का वेल्लोर

🔹विशेषता – व्यापारिक काफिलों के सुरक्षार्थ उपयोग (कर्नल टॉड )

🔹नदियां – चंबल- बामनी

6. मैगजीन किला

🔹निर्माता – अकबर

🔹निर्माण समय – 1571-72

🔹स्थान – अजमेर

🔹अन्य नाम -अकबर का दौलतखाना

🔹विशेषता –
(1) राजस्थान का एकमात्र इस्लामिक पद्धति से निर्मित दुर्ग
(2) जहांगीर व सर टॉमस रो के मध्य मुलाकात स्थल (1616)
(3) अकबर के पुत्र दानियाल व शाहजहाँ के पुत्र शुजा का जन्म स्थल

7. शेरगढ़

🔹निर्माता – नागवंशी नरेश

🔹स्थान – बाराँ

🔹श्रेणी -गिरी

🔹नदी – परवन

🔹अन्य नाम – कोषवर्द्धन

🔹नामकरण -शेरशाह सुरी के नाम पर

8. चौमुहागढ़

🔹निर्माता – ठा. कर्णसिंह

🔹स्थान – जयपुर

🔹अन्य नाम – रघुनाथगढ़ ,धाराधारगढ़

🔹विशेषता – कमल पुष्प की पत्तियों का अंकन जिनमें छिद्रों का निर्माण जिनका प्रयोग तार, बंदूक चलाने हेतु किया जाता था ।

9. चित्तौड़गढ़ किला

🔹निर्माता – चित्रांगद मौर्य

🔹श्रेणी – गिरी

🔹नदियाँ – गंभीरी- बेड़च

🔹अन्य नाम –
(1)विचित्रकूट ( महाराणा कुंभा के समय )
(2) खिज्राबाद एवं चित्रकोट

🔹प्रसिद्धि –
(1) राजस्थान का गौरव
(2) किलों का सिरमौर
(3) दक्षिणी पूर्वी प्रवेश द्वार
(4) गढ़ गढ़ तो चित्तौड़गढ़ ,बाकी सब गढ़ैया

🔹आकृति – व्हेल जैसी

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) नौ कोठा महल (नवलखा महल )
(2) महासती स्थान (राज परिवार की शमशान भूमि )
(3) खातण रानी का महल
(4) हरामियों का बाड़ा
(5) घी- तेल की बावड़ी

🔹विशेषता –
(1) सर्वाधिक क्षेत्रफल
(2) सबसे बड़ा लिविंग फोर्ट
(3) कुल 3 साके :-
(१) 26 अगस्त 1303 में रानी पद्मिनी का जौहर (२) मार्च 1535 में रानी कर्मावती का जौहर
(३) 23 फरवरी 1568 में फुल कँवर का जौहर

10. रणथम्भौर दुर्ग

🔹निर्माता – रणथम्मनदेव

🔹स्थान – सवाई माधोपुर

🔹श्रेणी – गिरी

🔹पहाड़ियाँ – रण व थंब

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) सुपारी महल – यहां पर मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर एक स्थान पर है
(2) जौंरा- भौंरा – अन्न भंडार
(3) अधूरा स्वप्न – रानी कर्मावती द्वारा निर्मित
(4) पीर सदरूद्दीन की दरगाह
(5) त्रिनेत्र गणेश मंदिर

🔹”राजस्थान का प्रथम साका ”
(1) 1301 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी का हम्मीर देव चौहान पर आक्रमण तब महारानी रंगा देवी को जोहर
(2) हम्मीर देव चौहान की पुत्री देवल देवी ने ‘जल जोहर’ किया ।

 

11. बीकानेर दुर्ग

🔹निर्माता – महाराजा रायसिंह बीकानेरी

🔹निर्माण समय – 1589-94

🔹श्रेणी – धान्वन ( मरुस्थल व खाई से घिरा )

🔹निरीक्षणकर्ता – मंत्री कर्मचंद्र की देखरेख में निर्माण कार्य पूरा

🔹अन्य नाम – जूनागढ़ ,जमीन का जेवर

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) 33 करोड़ देवी देवताओं का मंदिर ( सिंह पर सवार ‘हेरंब गणपति’ की प्रतिमा )
(2) जयमल-फत्ता की पाषाण गजरूढ़ प्रतिमाएं (सूरजपोल के दोनों ओर )
(3) अनूप महल ( स्वर्ण- कार्य के लिए प्रसिद्ध राजतिलक स्थल )

🔹विशेषता – विदेशी आक्रमण से बचा रहा

 

12. कीर्ति स्तंभ

🔹निर्माता – महाराणा कुंभा

🔹निर्माण समय – 1438-48 ई.

🔹स्थान – चित्तौड़गढ़

🔹ऊंचाई -122 फीट

🔹कुल मंजिलें -9

🔹सीढ़ियाँ -157

🔹स्मृति – कुंभा द्वारा मांडू नरेश महमूद खिलजी को सारंगपुर युद्ध (1437) में परास्त करने की विजय स्मृति में ।

🔹अन्य नाम –
(1) विजय स्तंभ
(2) विष्णु स्तंभ ( उपेंद्रनाथ के द्वारा )
(3) भगवान विष्णु को समर्पित स्तंभ

🔹प्रसिद्धि –
(1) मूर्तियों का अजायबघर /शब्दकोश /विश्वकोश- डॉ. गर्ट्ज
(2) कुतुब मीनार से भी उत्तम – कर्नल जेम्स टॉड
(3) रोम के टार्जन समान सुंदर इमारत – फर्ग्युसन

🔹वास्तुकार – जैता,नापा एंव पुंजा

🔹प्रतीक चिन्ह –
(1) राजस्थान पुलिस
(2) माध्यमिक शिक्षा बोर्ड- राजस्थान

🔹विशेषता –
(1) तीसरी मंजिल पर 9 बार अरबी में अल्लाह अंकित
(2) नौवीं मंजिल पर कीर्ति स्तंभ प्रशस्ति

13. नागौर दुर्ग

🔹निर्माता – कैमास

🔹निर्माण समय – 1154

🔹श्रेणी – धान्वन व पारिख

🔹अन्य नाम – नागाणा, नागदुर्ग

🔹प्रसिद्धि – बाहर से चलाये तोप के गोले महलों को क्षति पहुंचाई बिना ही ऊपर से गुजर जाते थे ।

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) अमर सिंह राठौड़ की छतरी
(2) महाराणा कुंभा ने यहां से आक्रमण पर हनुमान जी की मूर्ति प्राप्त की

 

14. गागरोण दुर्ग

🔹निर्माता – परमार नरेश बिजलदेव डोड़

🔹निर्माण समय – 1195

🔹स्थान – झालावाड़

🔹श्रेणी – जलदुर्ग

🔹नदियाँ – कालीसिंध व आहू

🔹अन्य नाम –
(1) डोडगढ़
(2) घूसरगढ़
(3) गर्गराटपुर
(4) गागरोण ( देवनसिंह खींची धारू द्वारा डोड शासक बिसलदेव को परास्त करके )
(5) मुस्तफाबाद ( 1444 में मांडू नरेश अहमद खिलजी द्वारा )

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) पीपाजी की छतरी
(2) मीट्ठे शाह की दरगाह
(3) जालिम कोर्ट (झाला जालिम सिंह द्वारा निर्मित परकोटा )
(4) बुलंद दरवाजा (औरंगजेब द्वारा निर्मित )
(5) पत्थर बरसाने की मशीन

🔹विशेषता –
(1) आचार्य गर्गचारी (श्री कृष्ण के पुरोहित )
(2) चित्तौड़ अभियान के दौरान अकबर गागरोन दुर्ग में रुका , यहीं पर अबुल फजल के भाई फैजी ने अकबर से मुलाकात की ।

🔹साके –
(1) 1423 में अंचलदास खींची के काल में मालवा सुल्तान के आक्रमण पर
(2) 1444 में पाल्हणजी खींची के काल में मांडू नरेश महमूद खिलजी का आक्रमण के समय

15. शेरगढ़

🔹निर्माता – राव मालदेव

🔹स्थान – धौलपुर

🔹प्रसिद्ध स्मारक – मीर सैयद दरगाह

🔹विशेषता –
(1) राज्य का एकमात्र दुर्ग जो 3 राज्यों की सीमा पर स्थित है
(2) हुनहुंकार तोप

 

16. कुंभलगढ़ दुर्ग

🔹निर्माता – महाराणा कुंभा

🔹निर्माण समय – 1448-58

🔹स्थान – राजसमंद

🔹श्रेणी – गिरी

🔹वास्तुकार – मंडन

🔹पहाड़ियां –
(1) हेमकूट
(2) नीलहिमवंत
(3) गन्धमाधन

🔹अन्य नाम –
(1) मत्स्येन्द्र
(2) कुंभलमेर
(3) कुंभलपुर
(4) माहोर
(5) मेवाड़ की संकटकालीन राजधानी

🔹प्रसिद्ध कथन – “नीचे से ऊपर देखने पर सिर की पगड़ी नीचे गिर जाती है” -अबुल फजल

🔹प्रसिद्ध –
(1) महाराणा उदय सिंह का राज्याभिषेक
(2) महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक

🔹विशेषता –
(1) एट्रुस्कन दुर्ग के जैसा – टॉड
(2) मेवाड़ की तीसरी आंख (कटारगढ़ )
(3) कुंभलगढ की परिधि 36 किलोमीटर लंबी और चौड़ी दीवार है

17. अजयमेरू दुर्ग

🔹निर्माता – अजय राज चौहान

🔹श्रेणी – गिरी

🔹अन्य नाम –
(1) गढ़बिठली ( बीठली की पहाडी़ पर)
(2) तारागढ़

🔹प्रमुख जलाशय-
(1) नाना साहब का झालरा
(2) गोल झालरा
(3) इब्राहिम का झालरा

🔹विशेषता –
(1) पूर्व का जिब्राल्टर – बिशप हैबर
(2) तारागढ़ के प्रथम तुर्क गवर्नर मीर सैयद हुसैन खींगसवार की दरगाह
(3) भारत में एकमात्र मीरा साहब के घोड़े की मजार

18. सिवाणा दुर्ग

🔹निर्माता- वीर नारायण पवार

🔹श्रेणी- गिरी

🔹स्थान -बाड़मेर

🔹प्रसिद्ध तालाब –
(1) भांडेलाव तलाब
(2) कुंभा का आवास स्थल

🔹अन्य नाम – खैराबाद ( अलाउद्दीन खिलजी द्वारा 1308 में )

🔹प्रसिद्धि- मारवाड़ की संकटकालीन राजधानी

19. जोधपुर दुर्ग

🔹निर्माता- राव जोधा (1459)

🔹श्रेणी – गिरी

🔹आकृति – मयूर जैसी

🔹पहाड़ी – चिड़ियानाथ की टूक ( पंचेटिया)

🔹अन्य नाम –
(1) मयूरध्वजगढ़
(2) गढ़ चिंतामणि
(3) जोधाणा
(4) मेहरानगढ़
(5) सूर्यगढ़
(6) चिड़ियाटूक गढ़
(7) कागमुखी

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) भूरे खां की मजार
(2) नागणेची माता मंदिर
(3) फतेह महल ( महाराजा अजीत सिंह द्वारा जोधपुर से खालसा समाप्त करने के अवसर पर निर्मित )

🔹प्रसिद्ध तोपे-
(1) किलकिला तोप
(2) शंभू बाण
(3) गजनी खाँ

🔹प्रसिद्धि – “देवताओं ,परियों एवं फरिश्तों द्वारा निर्मित “- रूड़यार्ड किपलिंग

 

20. जालौर दुर्ग

🔹निर्माता – नागभट्ट प्रतिहार

🔹श्रेणी – गिरी

🔹अन्य नाम –
(1) जलालाबाद
(2) सोनगढ़ ( स्वर्णगिरी पहाड़ी )

🔹प्रसिद्धि –
(1) संत मल्लिकाशाह की दरगाह
(2) परमार कालीन कीर्ति स्तंभ

🔹विशेषता –
(1) “कभी किसी विजेता के लिए यहां के द्वार कभी नहीं खुले गए हैं “- हसन निजामी
(2) जोधपुर नरेशों का राजकोष रखा जाता था ।
(3) “अणखिला किला” के रूप में प्रसिद्ध

21. बयाना दुर्ग

🔹निर्माता – विजय पाल (1040 ई.)

🔹श्रेणी – गिरी

🔹पहाड़ी – मानी

🔹अन्य नाम –
(1) बादशाह दुर्ग
(2) सुल्तान कोट
(3) शोणितगिरी

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) भीमलाट ( गुप्त नरेश समुद्रगुप्त के सामंत विष्णुवर्धन द्वारा निर्माण )
(2) उषामस्जिद ( रानी चित्रलेखा द्वारा निर्मित उषा मंदिर को दिल्ली सुल्तान इल्तुतमिश ने मस्जिद में परिवर्तित कराया )

 

22. शाहबाद दुर्ग

🔹निर्माता – मुकुट मणिदेव (1521 ई.)

🔹स्थान – बारां

🔹पहाड़ी – भानमती

🔹अन्य नाम – सलीमाबाद ( शेरशाह सूरी के पुत्र सलीमशाह के नाम पर )

🔹विशेषताएं –
(1) 19 फीट लंबी नवल तोप
(2) 2 गज प्रतिमाएं जो पंखयुक्त है एवं हवा में उड़ती प्रतीत होती है ।
(3) पंख युक्त हाथी जिनके चारों पैरों एवं सूंड में पांच छोटे हाथी

🔹जामा मस्जिद –
(1) औरंगजेबकालीन
(2) वास्तुकार फौजदार मकबूल
(3) दिल्ली जामा मस्जिद की तरह
(4) औरंगजेब का विश्राम स्थली

23. सोजत दुर्ग

🔹निर्माता – नीम्बा ( राव जोधा का पुत्र )

🔹स्थान – सोजत (पाली )

🔹पहाड़ी – नानी सीरडी़

24. जैसलमेर दुर्ग

🔹निर्माता – राव जैसल(1155 ई.)

🔹श्रेणी- धान्वन

🔹अन्य नाम –
(1) त्रिकूटाकृति गढ़
(2) सोनारगढ़ (पीले पत्थरें से निर्मित )
(3) जैसाणा
(4) पश्चिम सीमाका प्रहरी
(5) रेगिस्तान का गुलाब
(6) रेगिस्तान का अण्डमान

🔹अढा़ई साका
(1) पहला साका 1314 में मूलराज प्रथम भाटी के काल में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण पर
(2) दूसरा साका 1327-28 में राव दूदा के काल में मोहम्मद बिन तुगलक का आक्रमण
(3) तीसरा अर्द्ध साका 1550 में राव लूणकर्ण भाटी के काल में काबुल अमीर खाँ के आक्रमण के समय

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) जैसलू कुआँ ( श्री कृष्ण द्वारा सुदर्शन चक्र से निर्मित )
(2) कमरकोट (दोहरा परकोटा )
(3) जिनभद्र सूरी ग्रंथ भंडार ( हस्तलिखित ताड़ पत्रों का सबसे बड़ा संग्रह )
(4) 99 बुर्ज

🔹विशेषता – चूने का प्रयोग बिल्कुल नहीं

 

25. कुचामन किला

🔹निर्माता- जालिम सिंह

🔹स्थान- कुचामन (नागौर )

🔹प्रसिद्धि – जागीरी किलो का सिरमौर

26. जयगढ़

🔹निर्माता- सवाई जयसिंह

🔹श्रेणी- गिरी

🔹अन्य नाम – चिल्ह काटोला

🔹पहाड़ी – ईगल

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) कठपुतली घर
(2) सात मंजिला दीया बुर्ज
(3) दमदमा ( तोप रखने का स्थान )
(4) लेथमशीन ( तोप निर्माण संयंत्र )

🔹जयबाण तोप –
(1) एशिया की सबसे बड़ी तोप
(2) रणबंका तोप
(3) 1734 में एक बार प्रयोग

🔹प्रसिद्धि –
(1) कच्छवाहा राजवंश का खजाना
(2) बंदीग्रह के रूप में विख्यात लघुदुर्ग विजयगढी़

 

27. दौसा किला

🔹निर्माता- बड़गुर्जर प्रतिहार शासक

🔹श्रेणी – गिरी

🔹पहाड़ी – देवगिरी

🔹आकृति- सूप जैसी

28. नाहरगढ़

🔹निर्माता- सवाई जयसिंह द्वितीय (1734)

🔹श्रेणी – गिरी

🔹स्थान- जयपुर

🔹अन्य नाम –
(1) सुदर्शनगढ़
(2) सुलक्षणगढ़

🔹विशेषता –
(1) सवाई माधोसिंह द्वितीय ने अपनी नौ पासवानों के लिए एक समान नौ दो मंजिला महल बनवाएं ( माधवंद्र भवन)

(2) नाहरसिंह भोमिया जी के स्थान के कारण इसका नामकरण पड़ा ।

29. मांडलगढ़

🔹निर्माता – चांदणा गुज्जर

🔹श्रेणी – गिरी

🔹स्थान – भीलवाड़ा

🔹आकृति – कटोरीनुमा

🔹नदियां- बनास, बेचड़, मेनाल

🔹प्रसिद्धि- मेवाड़ का प्रवेश द्वार

30. अलवर दुर्ग

🔹निर्माता- अलप्पुराय

🔹श्रेणी – गिरी

🔹अन्य नाम – अलपुर

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) अंधेरी दरवाजा
(2) अलवर संग्रहालय ( इस्लाम के चौथे खलीफा हजरत अली की तलवार , मोहम्मद गौरी का कवच , नादिर शाह दुर्रानी की तलवार , हैदर अली की तलवार )

31. आमेर दुर्ग

🔹निर्माता – भारमल एवं मानसिंह

🔹श्रेणी – गिरी

🔹प्रसिद्ध स्मारक –
(1) सौभाग्य मंदिर ( रानियों के आमोद- प्रमोद का स्थल )
(2) कदमी महल ( राजतिलक स्थल )
(3) भोजनालय ( सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा निर्मित पौराणिक चित्रण हेतु प्रसिद्ध )

32. बूंदी किला

🔹निर्माता- रावबर सिंह (1354)

🔹श्रेणी- गिरी

🔹अन्य नाम- तारागढ़ ( तारे जैसी आकृति )

🔹प्रसिद्धि – ” राजस्थान के समस्त रजवाड़ों में श्रेष्ठ राज प्रसाद बूंदी राज महल हैं ।” – कर्नल जेम्स टॉड

🔹रंगविलास ( चित्रशाला )-
(1) महाराव उम्मेद सिंह द्वारा निर्मित
(2) भित्ति चित्रों का स्वर्ग

🔹प्रसिद्ध तोप- गर्भगुंजन

33. टॉयगढ़– कर्नल जेम्स टॉड द्वारा अजमेर में निर्माण

34. इंदौर किला– अलवर

35. नवलखा दुर्ग – झालावाड़ नरेश झाला पृथ्वी सिंह द्वारा निर्मित अपूर्ण किला

36. भूमगढ़ – अमीर खाँ पिंडारी के नामजैसाणा
मीरगढ़’ (टोंक )

37. अजबगढ़ किला – अलवर

38. ऊँटगिर का किला – करौली

39. मंडरायल किला – करौली

40. अचलगढ़ का दुर्ग – माउंट आबू (सिरोही )

41. माधोराजपुरा का किला – फागी (जयपुर )

42. डीग का किला – भरतपुर ( 1730 में राजा बदन सिंह द्वारा )

43. दूदू दुर्ग – अजमेर -जयपुर मार्ग ( श्याम सिंह द्वारा बनाए गए स्थल दुर्ग )

 

🔹दुर्ग के प्रकार :-

(1) धान्वन दुर्ग – मरुस्थलीय क्षेत्र में बना दुर्ग
(2) जलदुर्ग – चारों तरफ से पानी से घिरा हो
(3) गिरी दुर्ग – जो पहाड़ पर बना हो
(4) पारीख दुर्ग – जिसके चारों और खाई हो
(5) पारिध दुर्ग – ईंट ,पत्थरों से निर्मित दुर्ग
(6) परन दुर्ग- खाई तथा कांटों में बना दूर्ग
(7) वन दुर्ग – जिसके चारों ओर वन हो
(8) सैन्य दुर्ग – जिसकी व्यूह रचना को कोई भेद ना सके

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Rajasthan ke kile Question and Answer

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